Wednesday, February 1, 2023
20.1 C
Delhi
Wednesday, February 1, 2023
- Advertisement -corhaz 3

गृह मंत्रालय के BSF के अधिकार का असं ने किया स्वागत पर पंजाब में इतना हड़कम्प क्यों?

केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल, पंजाब और असम में सीमा सुरक्षा बल (Border Security Force, BSF) के अधिकार क्षेत्र को बढ़ा दिया है। सरकार ने कानून में संशोधन कर बीएसएफ को पंजाब, पश्चिम बंगाल और असम में अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किलोमीटर की जगह 50 किलोमीटर के बड़े क्षेत्र में तलाशी लेने, जब्ती करने और गिरफ्तार करने की ताकत दी है। केंद्र सरकार के इस फैसले पर सियासत गरमा गई है। असम ने इस फैसले का स्‍वागत किया है, जबकि पंजाब और बंगाल ने इसे ‘संघीय ढांचे पर हमला’ करार दिया है। आइए, जानें इस फैसले पर क्‍यों हो रहा सियासी बवाल…

केंद्र के आदेश से क्‍या बदल गया..?

  • केंद्र ने बीएसएफ को पंजाब, पश्चिम बंगाल और असम में अंतरराष्ट्रीय सीमा से 50 किलोमीटर के दायरे में तलाशी लेने, जब्ती करने और गिरफ्तार करने की शक्ति दे दी है। पहले यह दायरा 15 किलोमीटर था।
  • केंद्र ने पाकिस्तान की सीमा से लगे गुजरात के क्षेत्रों में यह दायरा 80 किलोमीटर से घटा कर 50 किलोमीटर तक कर दिया है। वहीं, राजस्थान में 50 किलोमीटर तक की क्षेत्र सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
  • केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से 11 अक्टूबर को जारी अधिसूचना के मुताबिक, सीमा सुरक्षा बल पासपोर्ट अधिनियम, विदेशियों के पंजीकरण अधिनियम, केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम के तहत कार्रवाई कर सकेगा।
  • बीएसएफ को विदेशी अधिनियम, विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, सीमा शुल्क अधिनियम या किसी अन्य केंद्रीय अधिनियम के तहत दंडनीय किसी भी अपराध की रोकथाम के लिए कार्रवाई का अधिकार होगा।
  • वहीं पूर्वोत्तर के पांच राज्यों- मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, नगालैंड और मेघालय में सीमा सुरक्षा बल के अधिकार क्षेत्र में 30 किमी की कटौती की गई है। इन राज्‍यों में बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र पहले 80 किमी तक था।
  • बीएसएफ का सबसे निचले रैंक का अधिकारी भी अब मजिस्ट्रेट के आदेश और वारंट के बगौर भी अपनी शक्तियों और कर्तव्यों के पालन कर सकता है।
  • बीएसएफ का अधिकारी अब किसी भी संदिग्‍ध व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकता है, जो किसी भी संज्ञेय अपराध में शामिल है या जिसके खिलाफ उचित शिकायत की गई है या खुफि‍या जानकारी प्राप्त हुई है।

अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगते पंजाब के छह जिलों अमृतसर, पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का में बीएसएफ को कार्रवाई करने की छूट होगी। यही नहीं पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का। आंशिक रूप से प्रभावित होने वाले जिले: होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, मोगा, फरीदकोट, मुक्तसर जैसे जिलों के अधिकांश क्षेत्र भी बीएसएफ के क्षेत्राधिकार में आएंगे।

असल में सीमावर्ती राज्‍यों खासकर पंजाब, बंगाल, जम्‍मू-कश्‍मीर, असम और राजस्‍थान में ड्रग्‍स एवं हथियारों की तस्‍करी और घुसपैठ एक बड़ी समस्‍या रही है। बीएसएफ अक्‍सर तस्‍करों और घुसपैठियों के मंसूबों को नाकाम करती रही है। अफगानिस्‍तान की सत्‍ता पर तालिबान की वापसी के बाद ड्रग्‍स एवं हथियारों की तस्‍करी के साथ ही घुसपैठ की घटनाएं बढ़ने की आशंकाएं जताई जाती रही हैं। खुफिया एजेंसियों की ओर से भी इस बारे में अलर्ट जारी किए जाते रहे हैं।

असम ने किया स्‍वागत

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्‍व शरमा ने कहा कि उनकी सरकार बीएसएफ के परिचालन क्षेत्राधिकार के विस्तार का स्वागत करती है। राज्य पुलिस के समन्वय से, यह कदम सीमा पार तस्करी और अवैध घुसपैठ को खत्म करने  के लिए एक मजबूत निवारक के रूप में काम करेगा। उन्‍होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रीय हित को मजबूत करता है।

टीएमसी ने किया विरोध

तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि यह राज्य के अधिकारों का ‘अतिक्रमण’ और देश के संघीय ढांचे पर हमला है। तृणमूल के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा- हम इस फैसले का विरोध करते हैं। यह राज्य के अधिकारों में अतिक्रमण है। राज्य सरकार को बिना बताए ही सीमा सुरक्षा बल के अधिकार क्षेत्र में विस्तार करने की तुरंत क्या जरूरत पड़ी। यदि बीएसएफ को कहीं पर तलाशी लेनी है तो वह राज्य पुलिस के साथ मिलकर कर सकता है।

कांग्रेस ने कहा- भुगतने होंगे नतीजे

टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि सीमावर्ती गांवों में मानवाधिकारों को लेकर बीएसएफ का ट्रैक रिकार्ड अच्छा नहीं है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्यों को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय को इस कदम के ‘दुष्परिणामों’ का सामना करना पड़ेगा। बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र में विस्तार करना राज्यों के क्षेत्र में खुलेआम उल्लंघन है।

भाजपा का पलटवार, टीएमसी घुसपैठ रोकने में विफल

प्रदेश भाजपा महासचिव शायंतन बसु ने कहा कि तृणमूल सरकार बंगाल में सीमापार से घुसपैठ और तस्करी को रोकने में विफल रही है। तृणमूल कांग्रेस इस फैसले का विरोध अपने वोट बैंक के लिए कर रही है।

सीएम चन्‍नी ने किया विरोध, अमरिंदर ने किया स्‍वागत

पंजाब के मुख्‍यमंत्री चरणजीत सिंह चन्‍नी और डेप्‍युटी सीएम सुखविंदर सिंह रंधावा ने इस फैसले की निंदा की है। उन्‍होंने सरकार से इस फैसले को रोलबैक करने की मांग की है। वहीं, पूर्व मुख्‍यमंत्री अमरिंदर सिंह ने फैसले का समर्थन किया है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने फैसले को ‘संवैधानिक व्‍यवस्‍था पर अतिक्रमण’ करने वाला करार दिया है।  

BSF ने बताया- क्‍यों उठाया गया यह कदम

एएनआइ के मुताबिक सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का कहना है कि अभियान वाले इलाकों में एकरूपता स्थापित करने के लिए ये संशोधन किए गए हैं। बल हमेशा राज्य पुलिस के साथ निकट समन्वय में काम करता है। बीएसएफ के महानिरीक्षक (आइजी आपरेशन) सोलोमन मिंज ने कहा कि सीमा की सुरक्षा आंतरिक सुरक्षा का ही एक हिस्सा है जिसे लेकर हम संवेदनशील हैं। इस आदेश का मकसद सीमा पार से होने वाले सभी अपराधों पर अंकुश लगाना है।

सीमा पार अपराधों पर लगेगी लगाम

बीएसएफ के सेवानिवृत आइजी बीएन शर्मा इस फैसले का समर्थन करते हुए कहते हैं कि आंतरिक सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस फैसले से नशीली दवाओं और हथियारों की तस्करी के साथ सीमा पर होने वाले अन्य अपराधों को रोकने में मदद मिलेगी। हमें केवल आंतरिक सुरक्षा के संदर्भ में हाल के घटनाक्रमों को देखना चाहिए। सरकार के इस फैसले का सभी को स्वागत करना चाहिए। इससे सीमाओं की सुरक्षा में और सुधार होगा।

More articles

- Advertisement -corhaz 300

Latest article

Trending

在线观看Jav SUN-070 女牛仔中出暴露女性领导的Boyoyon在户外与巨大的I罩杯姐妹性交 H0930-ki221113 小堀真美 VENX-180 爱挑逗的妈妈是制止技师射精控性让我的孩子成为私通宠物白木优子 DVDMS-886 Magic Mirror Flight x Natsu Tojo Fan 感恩计划! - 如果你能忍受 Natsu Tojo 的惊人技术 15 分钟,你将获得原始阴道射精的奖励! - ! H0930-ki221110 井泽嘉代子