रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बड़ा बयान दिया है। दरअसल उन्होंने दावा किया है कि जर्मनी पर अभी तक कब्जा है और द्वितीय विश्व युद्ध में आत्मसमर्पण करने के बाद से अभी तक वह स्वतंत्र तौर पर फैसले नहीं ले पा रहा है। व्लादिमीर पुतिन ने नोर्ड स्ट्रीम गैस पाइपलाइन में हुए विस्फोट को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में ये बात कही। रूस के सरकारी टीवी से बात करते हुए पुतिन ने कहा कि ‘यूरोप के नेताओं ने खुद सार्वजनिक तौर पर कहा है कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से जर्मनी कभी भी संप्रभु राष्ट्र नहीं रहा है।’
जर्मनी की संप्रभुता पर पुतिन ने उठाए सवाल
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि ‘सोवियत संघ ने जर्मनी पर कब्जा करने के एक समय के बाद अपनी सेनाओं को वापस बुला लिया था लेकिन जैसा कि सभी जानते हैं कि अमेरिका के साथ ऐसा नहीं है। वो अभी तक जर्मनी पर अपना कब्जा बरकरार रखे हुए है।’ नोर्ड स्ट्रीम गैस पाइपलाइन में हुए विस्फोट को पुतिन ने बड़े स्तर की साजिश करार दिया और कहा कि यूक्रेन समर्थित संगठन द्वारा नोर्ड स्ट्रीम गैस पाइपलाइन में विस्फोट की बात बकवास है।
अमेरिका पर लगाए गंभीर आरोप
पुतिन ने कहा कि ‘यह देखना चाहिए कि किसकी इसमें रुचि है और कौन ऐसा करने का इच्छुक है? बेशक, अमेरिका ऐसा करना चाहता है। जिस तरह का विस्फोट हुआ और जितना ये ताकतवर था, उसे विशेषज्ञों द्वारा और सरकार की पूरी मदद से ही अंजाम दिया जा सकता है।’
नोर्ड स्ट्रीम गैस पाइपलाइन
बता दें कि रूस से लेकर जर्मनी तक समुद्र के नीचे गैस पाइपलाइन बिछाई गई है, जिसे नोर्ड स्ट्रीम गैस पाइपलाइन के नाम से जाना जाता है। नोर्ड स्ट्रीम 1 गैस पाइपलाइन बाल्टिक सागर में रूस के विबोर्ग से लेकर उत्तर पश्चिमी जर्मनी के लुबमिन को जोड़ती है। इसकी लंबाई 1224 किलोमीटर है और इसके द्वारा रूस, जर्मनी को नेचुरल गैस की सप्लाई करता है। इसका निर्माण साल 2011 में पूरा हुआ था। वहीं नोर्ड स्ट्रीम 2 पाइपलाइन रूस के उस्ट-लुगा को जर्मनी के लुबमिन से जोड़ती है। यह सितंबर 2021 में बनकर तैयार हुई थी। इन दोनों गैस पाइपलाइन से रूस, जर्मनी को सालाना 110 बिलियन क्यूबिक मीटर गैस की सप्लाई कर सकता है। साथ ही अगले 50 सालों तक रूस नोर्ड स्ट्रीम पाइपलाइन के जरिए जर्मनी को गैस की सप्लाई कर सकता है। यूक्रेन युद्ध के बाद से इन पाइपलाइन से गैस की यूरोप को सप्लाई प्रभावित हुई है क्योंकि रूस पर दुनिया के देशों ने कई प्रतिबंध लगा दिए हैं। इसके चलते यूरोप में गैस के दामों में बढ़ोतरी हुई है और महंगाई भी बढ़ी है। बीते साल सितंबर में नोर्ड स्ट्रीम गैस पाइपलाइन में विस्फोट की खबर सामने आई थी। अब पुतिन ने इस विस्फोट का आरोप परोक्ष तौर पर अमेरिका पर लगाया है। क्याक्या



