टाटा संस के मानद चेयरमैन रतन टाटा को कैंसर देखभाल में योगदान के लिए असम का सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया जाएगा। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिसवा सरमा ने रतन टाटा को ‘असम वैभव’ सम्मान देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि असम के लोग राज्य में कैंसर की देखभाल के लिए उनके असाधारण योगदान के लिए उद्यमी के बहुत आभारी हैं। रतन टाटा की पहल पर टाटा ट्रस्ट ने असम सरकार के सहयोग से 2018 में 19 कैंसर देखभाल इकाई स्थापित करने का निर्णय लिया था। इसका शिलान्यास रतन टाटा ने किया था।
18 जून 2018 को भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी इस समारोह में शामिल थे। इसमें लगभग 2200 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिसमें आधी राशि टाटा समूह की कंपनियों व आधी राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी। ‘एडवांटेज असम – ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट-2018’ के दौरान टाटा ट्रस्ट ने उसी साल फरवरी में असम सरकार के साथ एक समझौता पर हस्ताक्षर किया था। इसके मुताबिक अस्पतालों को त्रिस्तरीय प्रणाली पर स्थापित किया जाना था। यह घोषणा इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि दो दिसंबर को ‘असम दिवस’ मनाया जा रहा है। यह दिवस चालोंग सुकफा के शासन को याद करने के लिए मनाया जाता है। 13वीं शताब्दी के दौरान सुकफा ने असम पर शासन किया। उन्हें अहोम राजवंश की स्थापना का श्रेय भी दिया जाता है, जिसने इस क्षेत्र पर छह शताब्दी तक शासन किया।
रांची में भी टाटा ट्रस्ट बना रहा कैंसर अस्पताल
टाटा ट्रस्ट झारखंड की राजधानी रांची में 300 बेड का कैंसर अस्पताल बना रहा है। मोमेंटम झारखंड के तहत फरवरी 2017 में हुए करार के बाद झारखंड सरकार ने कांके में 23 एकड़ जमीन आवंटित किया था। इसका शिलान्यास 2018 को हुआ था, जिसमें प्रथम चरण में 150 बेड का अस्पताल 2022 में शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इस अस्पताल में 50 प्रतिशत मरीजों का इलाज निश्शुल्क किया जाएगा। हाल के दिनों इस अस्पताल को लेकर स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने बयान दिया था कि कैंसर अस्पताल को जरूरत से ज्यादा जमीन दे दी गई है। अतिरिक्त जमीन वापस लेनी चाहिए।



