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सैम पित्रोदा ने चीन को लेकर दिया ऐसा बयान, भाजपा ने किया कड़ा पलटवार

इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा ने एक विवादित बयान दे दिया। सैम पित्रोदा ने कहा कि भारत-चीन मुद्दे को अमेरिका द्वारा बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया गया। उन्होंने कहा कि चीन को हमारा दुश्मन मानना अनुचित है। सैम पित्रोदा के बयान से बीजेपी भड़क गई। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चीन का कांग्रेस के साथ एग्रीमेंट उजागर हो गया है।

सैम पित्रोदा के बयान पर सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, ”सैम पित्रोदा ने खुलेआम कांग्रेस पार्टी के चीन के साथ समझौते का खुलासा किया है। गंभीर बात ये है कि सैम पित्रोदा ने जिस तरह की बात कही है वो भारत की अस्मिता, कूटनीति और संप्रभुता पर बहुत गहरा आघात है। राहुल गांधी भी विदेश में इसी तरह के कई बयान दे चुके हैं। कुछ समय पहले अपने विदेश दौरे पर उन्होंने कहा था कि चीन ने बेरोजगारी की समस्या को बहुत अच्छे से सुलझा लिया है। जबकि चीन में बेरोजगारी दर 24 फीसदी है। गलवान में हमारे 20 जवान शहीद हो गए और उसके बाद अगर आपके नेता ऐसी भाषा बोलते हैं, तो यह निंदनीय है।” सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि सैम पित्रोदा ने एक तरीके से यह कह दिया कि चीन के साथ कोई विवाद ही नहीं है, बल्कि भारत ही अग्रसर भूमिका में है। उन्होंने कहा कि यह सैम पित्रोदा का कोई अकेला बयान नहीं है, बल्कि उनके पार्टी के कई और नेता ऐसे बयान दे चुके हैं।

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि सैम पित्रोदा ने एक तरीके से यह कह दिया कि चीन के साथ कोई विवाद ही नहीं है, बल्कि भारत ही अग्रसर भूमिका में है। उन्होंने कहा कि यह सैम पित्रोदा का कोई अकेला बयान नहीं है, बल्कि उनके पार्टी के कई और नेता ऐसे बयान दे चुके हैं।

समाचार एजेंसी से बात करते हुए सैम पित्रोदा ने कहा, ”मैं चीन से खतरे को नहीं समझता। मुझे लगता है कि इस मुद्दे को अक्सर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है क्योंकि अमेरिका को दुश्मन को परिभाषित करने की आदत है। मेरा मानना ​​है कि सभी देशों के लिए सहयोग करने का समय आ गया है, टकराव का नहीं।”

सैम पित्रोदा ने कहा कि हमें इस पैटर्न को बदलने की जरूरत है। यह मान लेना कि चीन शत्रु है, उचित नहीं है। उन्होंने कहा, “अब समय आ गया है कि हम संवाद बढ़ाना सीखें। सहयोग करें और निर्माण करें।” उनकी टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाशिंगटन डीसी यात्रा के दौरान भारत और चीन के बीच सीमा विवाद में मध्यस्थता की पेशकश के बाद आई है।

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