मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के OSD यानी ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी को नियुक्ति के 24 घंटे में ही हटा दिया गया. 7 जून को ख़बर आई थी कि तुषार पांचाल को CM शिवराज का OSD नियुक्त किया गया है. लेकिन 8 जून को तुषार ने ही ट्वीट करके बता दिया कि वे इस ज़िम्मेदारी को नहीं संभाल रहे.
7 जून को तुषार ने ट्वीट किया था –
“दोस्तो, आपमें से अधिकतर लोग मुझे परदे के पीछे से काम करने वाले व्यक्ति के तौर पर जानते हैं. मैंने 2001 से कई मुख्यमंत्रियों, कई नेताओं के साथ काम किया है. आज मेरा भाग्य मुझे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के दफ्तर ले आया है, जहां मैं कम्युनिकेशन सलाहकार के तौर पर काम करूंगा.”
लेकिन इस पद के लिए तुषार का नाम आते ही BJP प्रवक्ता तेजिंदर बग्गा ने तुषार के कुछ पुराने ट्वीट के स्क्रीनशॉट्स शेयर किए. इनमें से एक ट्वीट में तुषार ने बाबा रामदेव के इस बयान को रीट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर उनको अनुमति मिले तो वे पेट्रोल के दाम 35-40 रुपये तक ला सकते हैं. इसे रीट्वीट करते हुए तुषार ने लिखा था कि
“ज़रूर ये गाय के मूत्र से बना होगा. मुझे यकीन है कि ये कहते हुए बाबा ने वही नशा किया था, जिसको लीगल करने की मांग उदय चोपड़ा कर चुके हैं.”
बग्गा ने एक अन्य ट्वीट का स्क्रीनशॉट शेयर किया, जिसमें लिखा था –
“किस्मत हो तो मोदी जैसी हो. सवाल पूछने के लिए ऑफिस विपक्ष का नेता नहीं और घर में बीवी नहीं. I am sure this is old but just read it.”
बग्गा ने एक और स्क्रीनशॉट शेयर किया, जिसमें तुषार ने लिखा था –
“कब जागोगे तुम सब हिंदू धर्म के भक्षक? @yogrishiramdev @sadhguruJV @srisri”
बस इन्हीं ट्वीट्स के स्क्रीनशॉट्स पर बवाल हो गया. बग्गा ने शिवराज सिंह चौहान को मेंशन करते हुए लिखा कि क्या आपको ऐसे लोगों की ज़रूरत है? सोशल मीडिया की जनता ने तुषार को एंटी-मोदी बताया, उनके राष्ट्रवाद तक पर सवाल उठा दिए. एक यूज़र ने लिखा – क्या देश में राष्ट्रवादी विचाराधारा के लोगों की कमी है जो आपको इस विचारधारा के व्यक्ति को अपना कम्युनिकेशन अडवाइज़र रखने की आवश्यकता पड़ी? आपसे ऐसी आशा नहीं कि जो व्यक्ति हमारे प्रधानमंत्री को ग़ैर ज़िम्मेवार बताये और गौ माता का अपमान करे उसका कोई स्थान हो!
एक अन्य यूज़र ने लिखा – ये नियुक्ति बिलकुल ग़लत है. आप प्रदेश के काले कुत्ते को बना देते हमें कोई दिक़्क़त नही होती लेकिन इस हिंदू विरोधी को नहीं. आपने अपने प्रदेश की जगह गुजरात को चुना, अपने ज़िले,अपनी विधानसभा,अपनी पार्टी,अपनी समाज,के बदले इन सबसे बाहर के एक व्यक्ति को चुना,ये ग़लत है.
एक अन्य यूज़र ने लिखा – सवाल ये है कि इनको कोई राष्ट्रवादी नहीं मिला क्या? कुछ लोग गालियां देकर भी इनाम पाते हैं और सपोर्टर दिन रात मेहनत करके मारे जा रहे हैं. उनकी कोई सुध नही ले रहा.
नियुक्ति के बाद 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि तुषार का एक और ट्वीट आ गया. इसमें उन्होंने लिखा –
इसके बाद बात करीब-करीब स्पष्ट हो गई कि तुषार के पुराने ट्वीट्स वायरल होने के बाद ही उन्हें OSD की ज़िम्मेदारी से हटा दिया गया.



