पेगासस जासूसी कांड, कृषि सुधार के कानूनों और महंगाई समेत अन्य कई मसलों को लेकर संसद के दोनों सदनों में विपक्ष लगातार हंगामा कर रहा है। राजनीतिक कारणों से विपक्ष के सहयोग से लोकसभा में पारित 127वां संविधान संशोधन विधेयक के आज राज्यसभा से भी पारित किए जाने की उम्मीद है।इसमें राज्यों को अन्य पिछड़ा वर्ग की अपनी सूची बनाने का अधिकार बहाल किया गया है। एएनआइ के मुताबिक संसद के सत्र को बुधवार को अनिश्चित काल के लिए स्थगित किया जा सकता है। सूत्रों ने कहा कि लगभग सभी अहम विधेयक पारित हो चुके हैं, जो कुछ रह गए हैं वो बुधवार को राज्यसभा में पारित हो जाएंगे। इसके बाद सरकार देखेगी कि विपक्ष का रवैया कैसा रहता है। अगर विपक्ष का हंगामा जारी रहता है तो संसद सत्र को अनिश्चित काल के लिए स्थगित किया जा सकता है।
– किसान आंदोलन 9वें महीने में प्रवेश कर गया। कृषि मंत्री कौन सी गरिमा का निर्वहन कर रहे हैं? सदन में कल जो हुआ वो कतई उचित नहीं था लेकिन जो किसानों के साथ हो रहा है वो कतई उचित नहीं है। आज बहुत से ऐसे मुद्दे उठाए जाएंगे जहां सरकार की खोखली सांकेतिकता पर सवाल उठेंगे: मनोज झा, आरजेडी
– राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष के चैंबर में राज्यसभा और लोकसभा में विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक चल रही है।
– यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि केरल सरकार ने इस मुद्दे (कोविड) पर उचित ध्यान नहीं दिया। मेरी जानकारी के अनुसार केरल में वैक्सीन वितरण भी व्यवस्थित तरीके से नहीं हो रहा। केरल सरकार को जरूरी कदम उठाने चाहिए। केरल में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग भी बहुत खराब है: केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन
– संसद में जितना शर्मनाक और घिनौना तांडव हमने देखा है ऐसा कभी नहीं देखा था। वे इस अराजकता और उद्दंडता पर शर्मिंदा होने की बजाय अहंकार दिखा रहे हैं। पहले कहते रहे कि किसानों के मुद्दे पर चर्चा करो। अब बोल रहे हैं चर्चा नहीं करेंगे, हंगामा करेंगे: केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी
– कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने ‘पेगासस प्रोजेक्ट’ मीडिया रिपोर्ट पर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया। वहीं, कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी की बढ़ती कीमतों के मुद्दे पर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया।
राज्यसभा में मंगलवार को कृषि संकट पर चर्चा शुरू होने के साथ ही विपक्षी दलों के सदस्य वेल में आ गए और जमकर हंगामा किया। एक मौका ऐेसा भी आया, जब कुछ विपक्षी सदस्य महासचिव की टेबल पर चढ़ गए। सदन में हुए जबर्दस्त हंगामे पर कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा कि एक ओर कृषि से जुड़े विभिन्न मसलों पर चर्चा कराई जा रही है। लेकिन कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस जैसी पार्टियां अलोकतांत्रिक रवैया अपना रही है।



