प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड के तार बरेली से जुड़े हैं। मामले में रोज नई बातें सामने आ रही हैं। अब एजेंसियों व पुलिस को पता लगा है कि 11 फरवरी ही नहीं, दस फरवरी को भी प्रयागराज से आए करीबियों और शूटरों ने माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ से बरेली जेल में मुलाकात की थी।
प्रयागराज पुलिस ने एनकाउंटर और गिरफ्तारियों के बाद ही खुलासा कर दिया था कि उमेश पाल की हत्या की योजना साबरमती जेल में बंद अतीक अहमद और बरेली जेल में बंद उसके भाई अशरफ ने बनाई थी। साबरमती जेल में अतीक से मिलने के बाद शूटरों ने 11 फरवरी को बरेली जेल में अशरफ से मुलाकात की थी। इनमें विजय चौधरी उर्फ उस्मान, गुलाम और अजहर समेत नौ लोग शामिल थे।
असद को कार में बैठने के लिए कहा था
नई बात सामने आई है कि अतीक के बेटे असद ने भी शूटरों के साथ अशरफ से मिलकर योजना को अंतिम रूप दिया था। अशरफ ने उसे घटना के दौरान कार में ही बैठे रहने का निर्देश दिया था, लेकिन उमेश पाल को बचकर भागता देखकर असद ने कार ने निकलकर फायरिंग कर दी और फुटेज में उसका भी चेहरा आ गया।
अब यह भी पता लगा है कि दस फरवरी को भी प्रयागराज से शूटर और कुछ गुर्गे बरेली आए थे। यहां शूटरों ने प्रयागराज निवासी आकिब की आईडी का इस्तेमाल किया था। जिस आईडी पर अजहर बरेली जेल में अशरफ से मिला था, वह जांच में फर्जी निकली है। अजहर ने खुद को बरेली के जगतपुर का निवासी दर्शाया था। ऐसे में आरोपियों पर धोखाधड़ी की धारा भी बढ़ सकती है।
बरेली जिला जेल में बंद अशरफ से मुलाकात करने वालों की लिस्ट बहुत लंबी है। जांच एजेंसियों ने सर्विलांस रिकॉर्ड के आधार पर 50 लोगों की सूची तैयार की है। इनमें से नौ लोग ऐसे हैं, जिन्होंने बार-बार अशरफ से मुलाकात की थी। इनमें अशरफ के साले सद्दाम की प्रेमिका भी शामिल है। पुलिस सद्दाम और लल्ला गद्दी की तलाश में जुटी है।
बरेली जेल में अशरफ से नौ लोगों ने कई बार की थी मुलाकात
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रयागराज में हुई उमेश पाल की हत्या से पहले 11 फरवरी को शूटर विजय चौधरी उर्फ उस्मान भी बरेली आया था। उसने गुड्डू मुस्लिम और गुलाम के साथ जेल में अशरफ से मुलाकात की थी।
बरेली जेल में बिना पर्ची अवैध तरीके से अशरफ से उसके गुर्गों की मुलाकात कराई जाती थी। इस मामले को लेकर बिथरी चैनपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है। जेल के सिपाही समेत चार लोगों को जेल भेजा जा चुका है।
सद्दाम और लल्ला गद्दी की तलाश
इसके बाद पुलिस और एजेंसियों का मुख्य लक्ष्य सद्दाम की गिरफ्तारी है। सद्दाम 26 दिसंबर के बाद से बरेली नहीं आया, लेकिन उसके गुर्गे लगातार अशरफ से मिलते रहे। इसमें बारादरी क्षेत्र का निवासी लल्ला गद्दी भी शामिल है। सद्दाम और लल्ला गद्दी की तलाश में पुलिस से लेकर एसटीएफ और अन्य एजेंसियां भी जुटी हैं।



