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गाजियाबाद मारपीट मामले में पुलिस का नया बयान झूंठला रहा बुजुर्ग सैफी का बयान

यूपी के गाजियाबाद के लोनी में बुजुर्ग की पिटाई मामले में नया मोड़ आता दिख रहा है. पुलिस बुजुर्ग अब्दुल समद सैफी को ताबीज बनाने वाला बता रही है, जबकि उन्होंने इससे इंकार किया है. समद सैफी का एक नया बयान सामने आया है. इसमें वह ‘जय श्रीराम’ के नारे लगवाने, जान से मारने की धमकी देने, मारपीट करने और पेशाब पिलाने की कोशिश के आरोप लगा रहे हैं.

बता दें कि कुछ दिन पहले एक वायरल हुए वीडियो में कुछ लोग 72 साल के अब्दुल समद सैफी को पीटते नजर आए थे. 14 जून को पुलिस ने इस मामले में एक्शन लेते हुए 3 लोगों को गिरफ्तार किया. पुलिस ने दावा किया कि पीटने वाले लोग बुजुर्ग के परिचित ही थे, और विवाद एक ताबीज को लेकर हुआ था.

सैफी का दावा, झूठा इल्जाम लगा रहे

आजतक की खबर के मुताबिक, 16 जून की रात समद सैफी ने बुलंदशहर के अनूपशहर में अपने घर पर पत्रकारों से बातचीत में कई चौंकाने वाले दावे किए. अब्दुल समद सैफी ने आरोप लगाया कि

वो चार लोग थे. मेरी कनपटी पर पिस्तौल लगाई. डंडे और बेल्ट से मुझे बहुत मारा. मैं नहीं जानता था कि वो कौन थे.

अब्दुल समद सैफी ने आगे दावा किया कि

मैं नहीं जानता कि मारने वाला कोई मुसलमान था. ताबीज की बात झूठी है. मैं ताबीज का कोई काम नहीं करता. मुझ पर झूठा इल्जाम लगाया जा रहा है. ऐसा इल्जाम कोई भी लगा सकता है. मैं तो मदरसे पर रहता हूं.

अब्दुल समद सैफी ने ये भी आरोप लगाए कि मुझसे ‘जय श्रीराम’ के नारे लगवाए गए. पानी मांगा तो पेशाब पीने को कहा गया. गौरतलब है कि इससे पहले समद सैफी ने कहा था कि उन्हें पुलिस ने सहयोग किया था. हालांकि अब उनका बयान काफी अलग है.

सैफी और पुलिस की अलग-अलग थ्योरी

पुलिस और समद सैफी के दावों में पहले से ही काफी फर्क रहा है. एक तरफ अब्दुल समद सैफी ने आरोप लगाया था कि उन्हें ऑटो में अगवा करके सुनसान जगह पर ले जाया गया और अनजान लोगों द्वारा पीटा गया. दूसरी तरफ गाजियाबाद पुलिस ने दावा किया था कि पीटने वाले लोग सैफी को पहले से जानते थे. गाजियाबाद पुलिस ने बाकायदा ट्वीट करके इस घटना का बैकग्राउंड बताया था. उसके मुताबिक, सैफी ताबीज़ बनाने का काम करता है. किसी एक शख्स पर ताबीज़ के उल्टा असर होने की बात से मामला भड़का. उन्हीं लोगों ने गुस्से में सैफी के साथ मारपीट की.

गाजियाबाद पुलिस के मुताबिक, मारपीट की इस घटना में 5 लोग शामिल थे. इनके नाम हैं- परवेश गुज्जर, कल्लू, पोली, आरिफ, आदिल और मुशाहिद. इनमें से परवेश गुज्जर, कल्लू और आदिल को पुलिस ने 14 जून तक गिरफ्तार कर लिया. आजतक संवाददाता के मुताबिक, 16 जून को गाजियाबाद पुलिस ने दो और लोगों को गिरफ्तार किया है. इनके नाम इंतजार और बौना बताया गया है. पुलिस का कहना है कि इंतजार नाम का शख्स ही इस पूरी घटना का मास्टरमाइंड है. वही ताबीज बनवाने के लिए बुजुर्ग के पास ले गया था.

इसके अलावा, पुलिस ने सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने के आरोप में 16 जून को ही उमेद पहलवान नाम के स्थानीय नेता पर मुकदमा दर्ज किया. इससे पहले गाजियाबाद पुलिस ट्विटर इंडिया समेत 9 लोगों के खिलाफ फेक न्यूज और धार्मिक भावना भड़काने के आरोप में मामला दर्ज कर चुकी है. इनमें कुछ पत्रकार और कांग्रेस के नेता भी शामिल हैं.
इधर दिल्ली के तिलक मार्ग थाने में एक्टर स्वरा भास्कर, पत्रकार अरफ़ा खानम शेरवानी, आसिफ खान, ट्विटर इंडिया और ट्विटर इंडिया के हेड मनीष महेश्वरी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है. शिकायत में ग़ाज़ियाबाद में बुज़ुर्ग के साथ मारपीट को लेकर भड़काऊ ट्वीट करने का आरोप लगाया गया है. यह शिकायत अमित आचार्य नामक एक एडवोकेट ने दर्ज कराई है. हालांकि अभी एफआईआर नहीं हुई है लेकिन पुलिस मामले की जांच कर रही है.

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