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क्या केरल और महाराष्ट्रा फिर बन रहे कोविड के नए हॉटस्पॉट

महाराष्‍ट्र में कोरोना के डेल्‍टा प्‍लस वैरिएंट ने चिंता बढ़ा दी हैै। केरल में कोरोना का संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले महीने से ही राज्य में देश में मिल रहे कुल मामलों के आधे से ज्यादा केस सामने आ रहे हैं। बकरीद के मौके पर पाबंदियों में छूट देने पर सर्वोच्च अदालत से फटकार खा चुकी राज्य की विजयन सरकार ने ओणम से पहले सख्त लाकडाउन लगा दिया है। खासकर उन क्षेत्रों में जहां संक्रमण दर आठ फीसद से ज्यादा है। ओणम 20 अगस्त को है। अगर हम पूरे देश की बात करें तो एक दिन पहले के मुकाबले नए मामलों में करीब 10 हजार की वृद्धि हुई है, लेकिन सक्रिय मामले 140 दिन बाद सबसे नीचे आ गए हैं।

केरल सरकार ने लिया यह फैसला

केरल में संक्रमण को काबू में करने के लिए सरकार ने 60 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को 15 अगस्त तक कम से कम टीके की एक डोज लगा देने का फैसला किया है। इसके अलावा 18 साल से अधिक उम्र के ऐसे मरीजों को भी 15 अगस्त तक टीके लगाए जाएंगे जो चलने-फिरने में लाचार हैं।

केवल जरूरी गतिविध‍ियों की छूट

15 अगस्त के बाद सबरीमाला मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सीमित कर 15 हजार प्रतिदिन कर दिया गया है। इसके लिए पहले से ही रजिस्ट्रेशन कराना होगा। साथ ही ओणम, दुर्गा पूजा, जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी और मुहर्रम जैसे त्योहारों के लिए सिर्फ जरूरी गतिविधियों को करने की ही छूट दी गई है।

नया वैरिएंट फैलने की खबरें बेबुनियाद

इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने केरल में कोरोना के संदिग्‍ध नए वेरिएंट फैलने की खबरों को गलत बताया है। मंत्रालय ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि केरल में कोरोना के संदिग्ध नए वेरिएंट की खबरें बेबुनियाद और बिल्कुल झूठी हैं।

20 अगस्त तक मिल सकते हैं 4.6 लाख केस

वहीं केरल के आठ जिलों का दौरा कर चुकी छह सदस्यीय एक केंद्रीय टीम ने बड़े खतरे के संकेत दिए हैं। केंद्रीय टीम ने कहा है कि एक अगस्त से 20 अगस्त तक राज्य में कोरोना संक्रमण के करीब 4.6 लाख मामले सामने आ सकते हैं। केंद्रीय टीम का नेतृत्व करने वाले राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) के निदेशक डा. सुजीत सिंह ने कहा कि ओणम का त्योहार (20 अगस्त) नजदीक आने के साथ पाबंदियां हटाने की गतिविधियों और पर्यटन स्थलों को खोलने से चुनौतिपूर्ण स्थिति पैदा हो गई है।

महाराष्‍ट्र में डेल्‍टा प्‍लस वैरिएंट के मामले बढ़े

इस बीच महाराष्‍ट्र में चिंता बढ़ा दी है। समाचार एजेंसी पीटीआइ की रिपोर्ट के मुताबिक महराष्‍ट्र में कोरोना के डेल्‍टा प्‍लस वैरिएंट के 20 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही राज्‍य में डेल्‍टा वैरिएंट के मामले बढ़कर 65 हो गए हैं।

डेल्‍टा प्‍लस के 33 केस युवाओं में 

महाराष्‍ट्र के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने अपने आधिकारिक बयान में बताया है कि नए मामलों में सात मुंबई से, तीन पुणे से, नांदेड़, गोंदिया, रायगढ़, पालघर से दो-दो और चंद्रपुर, अकोला से एक-एक केस शामिल हैं। राज्‍य सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अब तक मिले डेल्‍टा प्‍लस वैरिएंट के 65 मामलों में से सबसे ज्यादा 33 मामले 19 से 45 साल के लोगों में पाए गए हैं। ऐसे 17 मामले 46 से 60 साल की उम्र के लोगों में मिले हैं।

38 हजार से ज्यादा नए मामले मिले

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से बुधवार सुबह अपडेट किए गए आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में देश में 38 हजार से ज्यादा नए केस मिले हैं, एक दिन पहले 28 हजार मामले मिले थे। नए मामलों में 21 हजार से ज्यादा अकेले केरल से हैं। सक्रिय मामले 3.86 लाख रह गए हैं जो कुल मामलों का 1.21 फीसद है।

देश में कोरोना की स्थिति

नए मामले 38,353

कुल मामले 3,20,36,511

सक्रिय मामले 3,86,351

मौतें (24 घंटे में) 497

कुल मौतें 4,29,179

ठीक होने की दर 97.45 फीसद

मृत्यु दर 1.34 फीसद

पाजिटिविटी दर 2.16 फीसद

सा. पाजिटिविटी दर 2.34 फीसद

जांचें (मंगलवार) 17,17,962

कुल जांचें (मंगलवार) 48,50,56,507

24 घंटे में टीकाकरण 41.38 लाख

कुल टीकाकरण 51.90 करोड़

किस राज्य में कितने टीके

मध्य प्रदेश 5.04 लाख

उत्तर प्रदेश 4.26 लाख

गुजरात 2.64 लाख

राजस्थान 2.42 लाख

बिहार 2.34 लाख

महाराष्ट्र 2.25 लाख

पंजाब 1.25 लाख

हिमाचल 1.27 लाख

दिल्ली 1.14 लाख

झारखंड 1.02 लाख

उत्तराखंड 0.87 लाख

(कोविन प्लेटफार्म के आंकड़े)

मिक्स डोज पर अध्ययन को मंजूरी

इस बीच देश के दवा नियामक ने कोरोना रोधी वैक्सीन कोवैक्सीन और कोविशील्ड की मिक्स डोज पर अध्ययन को मंजूरी दे दी है। यह अध्ययन तमिलनाडु के वेल्लोर स्थित क्रिश्चियन मेडिकल कालेज (सीएमसी) द्वारा 300 स्वस्थ्य वालंटियर पर किया जाएगा। केंद्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की एक विशेषज्ञ समिति ने 29 जुलाई को ही इस अध्ययन को मंजूरी देने की सिफारिश की थी। इस अध्ययन का मकसद यह आकलन करना है कि क्या किसी एक ही व्यक्ति को पूर्ण टीकाकरण के लिए एक डोज कोविशील्ड की और एक डोज कोवैक्सीन की दी जा सकती है।

फाइजर से पांच करोड़ डोज खरीदने पर चल रही बातचीत

टीकाकरण के लिए टीके की उपलब्धता और बढ़ाने के लिए सरकार अमेरिकी दवा कंपनी फाइजर के साथ पांच करोड़ डोज खरीदने के लिए बातचीत कर रही है। हालांकि, सरकार और फाइजर की तरफ से इस पर कोई बयान नहीं आया है।

52 करोड़ से ज्यादा डोज लगाई गईं

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने बताया कि देश में कोरोना रोधी वैक्सीन की अब तक 52 करोड़ से ज्यादा डोज लगा दी गई हैं। इनमें 40.50 करोड़ से अधिक पहली और 11.50 करोड़ से ज्यादा दूसरी डोज शामिल हैं। 18-44 वर्ष आयु वर्ग के लोगों को सबसे ज्यादा करीब 23 करोड़ डोज दी गई हैं। मंत्रालय ने यह भी बताया कि राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और निजी अस्पतालों के पास अभी 2.25 करोड़ डोज बची हैं। केंद्र ने अभी तक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 53.24 करोड़ डोज मुहैया कराए हैं और जल्द ही इन्हें 72.40 लाख डोज और उपलब्ध करा दी जाएंगी। 

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